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क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा

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क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा के रूप में City Super Speciality Hospital एवं City Hospital, Ghurkari Matour Kangra Himachal Pradesh में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ Dr. Prakash Chand Rana ने अपनी सेवाएं प्रारंभ कर दी हैं। लगभग 13 वर्षों के अनुभव के साथ डॉ. प्रकाश चंद राणा हृदय रोगों के उपचार एवं प्रबंधन में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करेंगे। अस्पताल में कार्डियोलॉजी सेवाओं के विस्तार के साथ अब हृदय रोगों से संबंधित आधुनिक जांच, परामर्श एवं उपचार सुविधाएं मरीजों को एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। अस्पताल संचालक Dr. Pradeep Makkar, Dr. Ashish Garg एवं Dr. Rajeev Dogra ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, ताकि मरीजों को हृदय संबंधी उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। अस्पताल में अब अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट की उपलब्धता से मरीजों को समय पर परामर्श एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ मिलेगा। Dr. Prakash Chand Rana सीने में दर्द, उच्च रक्तचाप, धड़कन की अनियमितता, सांस फूलना, हार्ट अटैक, हृदय की नसों में ...

वेद मन्दिर, योल मे चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 35वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य ने ऋग्वेद मन्त्र 10/27/9 पर जिज्ञासुओं का मन आकर्षित करते हुए

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 समझाया कि परमेश्वर ने मन्त्र में स्वयं उपदेश किया है कि वह "जनानाम् उर्वज्रे अन्तः" उत्पन्न हुओं के प्राप्ति स्थान हृदय में "अहम् सम्" मैं परमात्मा स्वयं विराजमान हूँ। उन्होंने समझाया कि मन्त्र का भाव है कि परमात्मा कण-कण में विराजमान होने पर भी केवल मानव हृदय में विराजमान है और दूसरा यह समझाया "अयुक्तं युनजत्" अर्थात् योगाभ्यास में जो चंचल मन नहीं लगता उस अस्थिर मन को योग विद्या में, उपासना में एवं वेदानुसार शुभ कर्म करने में लगाएँ। योग शास्त्र सूत्र 1/14,15 में जो पाँच चित्त की वृत्तियाँ बाहर के प्रकृति रचित चमकीले पदार्थों में जाती है, उनको वेद एवं योग शास्त्र में वर्णित योगाभ्यास एवं वैराग्य द्वारा रोककर ही प्रभु प्राप्ति और सब सुख प्राप्त किए जाते हैं। योग शास्त्र में कहा कि वह प्रभु प्राप्ति करने वाला योगाभ्यास अन्तिम सांस तक किया जाता है और निरन्तर आदर सहित किया हुआ होता है एवं दृढ़ अवस्था वाला होता है। ऐसे वैदिक शुभ कर्म करने के संस्कार चित्त पर सदा बने रहते हैं और साधक को आनन्द देते रहते हैं। भगवद्गीता में भी श्रीकृष्ण महाराज ने श्लोक...

महंगाई की मार झेल रही जनता - पुनीत मल्ली

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देश को ठग रही मोदी सरकार  देश पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है ये बात कांग्रेस के प्रवक्ता पुनीत मल्ली ने एक कार्यक्रम में कहा , मल्ली ने कहा कि पहले से ही देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत अधिक थी मोदी सरकार ने आज पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर देश पर अत्यधिक बोझ डाल दिया है उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से आम व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन पर अत्यधिक बोझ पड़ेगा सब्जी ,किराना , ट्रांसपोर्ट किराया एन सभी की कीमतों पर इजाफा होगा जिसका खामियाजा आम व्यक्ति पर गंभीर असर डालेगा ।पुनीत मल्ली का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार में घरेलू गैस की कीमत पांच सौ से कम थी लेकिन मोदी सरकार ने लोगों के भरोसा को तोड़ा है वही कमर्शियल गैस की कीमतों में बढ़ावा कर छोटे छोटे दुकानदार ,बड़े होटल रेस्टोरेंट वाले को भी परेशानी में डाल रखा है।पुनीत मल्ली ने नगर निगम के चुनाव को ले कर भी भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा अपने नेताओं को सिर्फ झूठ बोलना सिखाती है भाजपा समर्थित नेता तथ्यों पर बात करने से कतराते है।उन्होंने कांग्रेस सरकार की उपलब्धि बताते हुए कहा है कि धर्...

वेद मन्दिर, योल (हि.प्र.) में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 34वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य ने ऋग्वेद मन्त्र 10/22/3 से जिज्ञासुओं को उपदेश किया

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  कि जो श्रद्धालु/जिज्ञासु परमेश्वर की दृढ़ उपासना करता है तो परमात्मा भी उस उपासक का [प्रियम् पुत्रम् इव पिता] अर्थात् प्रिय पुत्र का पिता समान  व्यवहार करता है। मन्त्र 2 में कहा है कि परमात्मा उपासक के लिए पूर्ण रूप से यश, धन एवं अन्न प्राप्त कराता है। अतः परमेश्वर हमारे पिता के समान है। पिता उसे कहते हैं जो बच्चों का पालन-पोषण करता है। परमेश्वर सब जगत् का पालन-पोषण करता है। अतः परमेश्वर सब जगत् का पिता है। ऐसे सर्वशक्तिमान्, संसार का पालन-पोषण करने वाले परमेश्वर से उत्पन्न चारों वेदों की जो निन्दा करता है, मनुस्मृति श्लोक 2/11 में उसे "नास्तिको वेद निन्दकः" अर्थात् वेद की निन्दा करने वाले को नास्तिक कहते हैं। व्यास मुनि कृत महाभारत ग्रन्थ के वन पर्व के श्लोक 24/63 में वेद निन्दक को मूर्ख कहा है। हम अपने ऋषि-मुनियों की वाणी का आदर करें और वेद की निन्दा से बचें। स्वामी जी ने पुनः ऋग्वेद मन्त्र 10/48/7 के विषय में समझाया कि जिसमें परमेश्वर स्वयं कहते हैं, "मैं एक अकेला हूँ फिर भी एक निन्दक या नास्तिक वर्ग को अपने अधीन करके दण्ड देता हूँ"। परमेश्वर पुनः इ...

वेद मन्दिर, योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 33वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य ने ऋग्वेद मन्त्र 10/20/1 से समझाया,

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धार्मिक समाचार  "भद्रम् नो अपि वातय मनः" अर्थात् हे प्रभु! हमारे मन को कल्याण मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर। यह ईश्वर से प्रार्थना है परन्तु चारों वेदों में भगवान् ने यह उपदेश किया है कि केवल प्रार्थना से भगवान् प्रसन्न नहीं होता, प्रार्थना के अनुकूल शुभ कर्म भी करना होता है। अतः मन को वेद मार्ग पर चलाने का अभ्यास ही मन को जीवात्मा के वश में करता है। जैसे अथर्ववेद मन्त्र 6/41/1 में उपदेश है कि "मनसे" अर्थात् मन के द्वारा वेद मन्त्रों का मनन- चिंतन करना और "चेतसे" अर्थात् ज्ञान प्राप्ति के लिए, शुद्ध चित्त के लिए, "धिय" शुद्ध बुद्धि की प्राप्ति के लिए जिससे ध्यान लगे "वयम् हविषा विधेम" अर्थात् हम परमात्मा के लिए अग्निहोत्र/यज्ञ करते हैं। और वेदों में उपदेश किए हुए शुभ कर्म ही करते हैं, वेद विरुद्ध अशुभ कर्म नहीं करते। आगे मन्त्रों में ज्ञान है कि हम क्रोध को पैर से ठुकरा दें, कड़वे वचन न बोलें। ऐसे शुभ कर्म करने से बुराई से मन हट जाता है। अगले सूक्त 45 में उपदेश है कि हम प्रयासपूर्वक भी मन में पाप विचार आने पर उसका त्याग कर...

वेद मन्दिर, योल (हि.प्र.) में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 32वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी,

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 योगाचार्य ने अथर्ववेद मन्त्र 5/12/10 के विषय में समझाते हुए श्रद्धालुओं को कहा कि परमेश्वर ने सभी नर-नारियों को उपदेश किया कि "देवानाम् पाथे" देवताओं के मार्ग में अर्थात् देवयान मार्ग पर चलकर इस जीवन को, वेदों में उपदेश किए सद्गुणों को धारण करने के लिए, परमेश्वर की उपासना एवं परमेश्वर का स्मरण नित्य कर।        पुनः परमात्मा ने सब साधकों को सात्विक भोजन करने का उपदेश किया। स्वामी जी ने ऋग्वेद मन्त्र 10/18/1 का ज्ञान देते हुए कहा कि मारने वाला काल पुनः-पुनः मनुष्य को मृत्यु प्राप्त कराता है परन्तु जो उपासक देवयान अर्थात् मोक्ष मार्ग पर चलते हैं उन्हें परमेश्वर पूर्ण आयु से युक्त करता है। अतः जीवन का ध्येय वेद मार्ग पर चलकर मोक्ष पद प्राप्त करना है। मोक्ष अवस्था में जीव के सब दुःखों का नाश हो जाता है एवं जीव ईश्वर के सानिध्य में परमानन्द में रहता है।      देवयान जो मोक्ष का मार्ग है, उससे भिन्न अथर्ववेद मन्त्र 12/2/10 में "पितृयाणैः पथिभिः" अर्थात् पितृयान मार्ग का उपदेश है जिसमें काम, क्रोध, मद, लोभ, अहंकार, अभक्ष्य का भक्षण करना इत्य...

सुक्खू सरकार पर झूठी गारंटियों, तानाशाही और कथित भ्रष्टाचार के आरोप: पवन काजल

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*कहा सरकार की दोगली व झूठी जड़ों धर्मशाला की जनता काट देगी* *बोले सुक्खू सरकार को उखाड़ फैंकने का समय आ चुका* *धर्मशाला, 13 मई 2026* कांगड़ा के विधायक, नगर निगम चुनाव प्रभारी एवं प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष पवन काजल कहा कि सुक्खू सरकार की दोगली व झूठी जड़ों को नगर निगम धर्मशाला की जनता चुनावों में काट देंगी। कांग्रेस सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सभी 17 वार्डों की जनता मतदान के माध्यम से उसे करारा जबाव देने के लिए तैयार बैठी हुई है। जनता तय कर चुकी है कि सुक्खू सरकार को उखाड़ फैंकने का समय आ चुका है। पवन काजल ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने खजाना खानी होने के बाहने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार कर रख दिया है। कांग्रेस सरकार से जनता के हाथों में निराशा ही हाथ लगी है। पवन काजल ने यह भी आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने जिन गारंटियों के आधार पर सत्ता हासिल की थी, उन्हें लागू करने में विफलता दिखी है, जिससे जनता में असंतोष है। सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर झूठी गारंटियों, तानाशाही और कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगे हैं। कांग्रेूस सरकार ने जनता को ठगा है और वादे पूरे ...

वेद मन्दिर, योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 31वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य ने श्रद्धालुओं को समझाया कि वर्तमान काल में भिन्न-भिन्न देशों के भिन्न-भिन्न इतिहास हैं

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 पुनः भिन्न-भिन्न देशों के भिन्न-भिन्न संविधान हैं, संस्कृति है। यह हमें याद रखना चाहिए कि प्रलय काल समाप्त होने के पश्चात् जब परमेश्वर जड़ प्रकृति को लेकर सृष्टि रचना करता है (देखें ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 129), उस समय सम्पूर्ण पृथिवी का एक ही राजा होता है। अतः पृथिवी रचना, उस समय की संस्कृति, सृष्टि रचना का इतिहास एवं सम्पूर्ण सृष्टि के एक ही राजा का वेदानुसार बनाया जनता को पालने का संविधान को समझने के लिए तो हमें केवल एक ही अनन्त गुणों एवं अनन्त ज्ञान युक्त ईश्वर से उत्पन्न (देखें ऋग्वेद मन्त्र 10/181/1,2) चारों वेदों में कही विद्या का ही अध्ययन करना पड़ेगा क्योंकि वेदों के अतिरिक्त ऐसा जगत् उत्पत्ति आदि का विकट ज्ञान ईश्वर के अतिरिक्त अन्य कोई भी जीव देने में कदापि समर्थ नहीं है। परन्तु दुःख की बात केवल यही है कि इस युग में मनुष्यों ने वेद ज्ञाता तपस्वियों के पास जाकर आदि काल में ब्रह्मा द्वारा बनाई गुर-शिष्य परम्परा द्वारा वेदों का अध्ययन और उनसे ज्ञान प्राप्ति की परम्परा का मूलतः त्याग करके स्वयं अपने-अपने ईश्वर भक्ति के मार्ग बना लिए हैं। इस विषय में तुलसीदास जी ने ...

नगर निगम चुनाव में जनता का सुक्खू सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख: संजीव शर्मा

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*कहा धर्मशाला की जनता जनविरोधी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर चुकी* *कहा नगर निगम चार सालों से कांग्रेसी नेताओं के राजनीति का आखाड़ा* *धर्मशाला, 11 मई 2026* धर्मशाला नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली को निशाना बनाते हुए चुनाव में जीत का भरोसा जताया है। चुनाव को लेकर भाजपा ने अपना प्रचार ओर जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिया है। सोमवार को धर्मशाला में जारी प्रेस विज्ञप्ति में संजीव शर्मा सह प्रभारी संगठनात्मक जिला कांगड़ा ने कहा कि जब से प्रदेश में सुक्खू की सरकार बनी है धर्मशाला नगर निगम के विकास को ग्रहण लगा हुआ है। नगर निगम धर्मशाला मुख्यमंत्री के चंद चाटुकारों कांग्रेसी नेताओं के राजनीति का आखाड़ा बना रहा, जहां निगम के वार्डों के विकास को लेकर कम तथा जनता के शोषण को गति दी गई। संजीव शर्मा ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला के सभी 17 वार्डों की जनता हाताशा व परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री की ही सोच नकारात्मक हो तो जनता सरकार के मंत्रियों व विधायकों व उनके ...

हिमाचल के प्रसिद्ध गायक कुमार साहिल के नाम जुड़ी एक और बड़ी उपलब्धि: अर्नी यूनिवर्सिटी ने 'डॉक्टरेट' की उपाधि से किया सम्मानित।

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हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध गायक और लाखों दिलों की धड़कन कुमार साहिल ने एक नया इतिहास रच दिया है। अपनी जादुई आवाज़ और कड़े संघर्ष के दम पर देश-दुनिया में पहचान बनाने वाले कुमार साहिल को अर्नी यूनिवर्सिटी (काठगढ़, इंदौरा) द्वारा 'मानद डॉक्टरेट' (Honorary Doctorate) की उपाधि से नवाज़ा गया है। प्रदेश के पहले गायक जिन्हें मिला यह सम्मान यह समूचे हिमाचल के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि कुमार साहिल प्रदेश के ऐसे पहले युवा गायक बन गए हैं जिन्हें संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है। संघर्ष से सफलता तक का सफर कांगड़ा की मिट्टी से ताल्लुक रखने वाले कुमार साहिल ने अपनी मेहनत के दम पर न केवल हिमाचल बल्कि पूरे विश्व में अपने माता-पिता और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। • टीवी रियलिटी शोज़: वे कई नेशनल टीवी रियलिटी शोज़ में अपनी गायकी का लोहा मनवा चुके हैं। • वैश्विक पहचान: उनके पहाड़ी और पंजाबी गीतों को देश-विदेश में लाखों लोगों का प्यार मिला है। • युवा आइकन: आज वे हिमाचल के हज़ारों उभरते कलाकारों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन च...