वेद मन्दिर, योल (हि.प्र.) में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 46वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी
वेद मन्दिर, योल (हि.प्र.) में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 46वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य ने जिज्ञासुओं का ध्यान यजुर्वेद अध्याय 31 की ओर आकर्षित करते हुए उन्हें समझाया कि इस अध्याय में ईश्वर ने पृथिवी रचना का अल्प ज्ञान दिया है। व्यास मुनि जी ने योग शास्त्र के एक सूत्र की व्याख्या करते हुए समझाया कि जो वेदों से सृष्टि रचना के विषय में नहीं जानता, उसकी साधु संज्ञा नहीं हो सकती। अतः यदि हम चारों वेदों से सृष्टि रचना का ज्ञान प्राप्त करने का परिश्रम करें तब हमारे सैंकड़ो संशय ईश्वर के भी विषय में समाप्त हो जाएँगे। जैसे उक्त अध्याय में समझाया कि परमेश्वर से ही अन्न,धन,घी,दूध,जंगली पशु,गौ आदि बने हैं। सृष्टि रचना में मन्त्र 31/7 में उपदेश है कि उस पूर्ण पूजनीय परमेश्वर से ही मनुष्यों को सुख देने के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और चौथा अथर्ववेद उत्पन्न हुए हैं। हमें इसी परमेश्वर की उपासना का उपदेश वेदों से प्राप्त हुआ है। दुःख है कि हम सृष्टि रचना के विषय का भी अध्ययन न करने के कारण नहीं जानते कि चारों वेदों की...