टोल, टैक्स और ट्रांसपोर्ट: फैसलों ने बढ़ाई जनता की परेशानी: विश्व चक्षु
*एंट्री टैक्स पर सुक्खू के झूठ का पर्दाफाश, सदन में भी हर मुद्दे पर औंधे मुंह सरकार*
*सदन से सड़क तक फेल! सुक्खू सरकार पर सवालों की बौछार*
*धर्मशाला: अप्रैल 02, 2026*
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सदन के बाहर हो या अंदर मुख्यमंत्री हर मोर्चे पर फेलियर की लिस्ट में टॉप पॉजिशन पर विराजमान हैं। जनता से झूठ बोलकर फरेब की कुर्सी पर बैठे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल और यहां की जनता को 100 साल पीछे धकेल दिया है। एंट्री टैक्स पर सीएम सुक्खू हिमाचल और पंजाब को बरगला रहे हैं। पहले मुख्यमंत्री एंट्री टैक्स को बढ़ा देते हैं और जब विरोध होता है, तो अपने फैसले से पलट जाते हैं तथा कहते हैं कि एंट्री टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। अगर ऐसा है, तो टोल बैरियर पर किस बात का विरोध पंजाब की ट्रक यूनियनें कर रही हैं। सच्चाई यह है कि जनता को बेवकूफ बनाने के लिए सीएम ने एंट्री टैक्स पर फैसला वापस ले लिया और हकीकत में टोल बढ़ा दिए। यही नहीं, सदन में भी सरकार विपक्ष के सवालों के आगे औंधे मुंह गिरी है। पंचायत चुनाव के रोस्टर पर भी मुख्यमंत्री सुक्खू की किरकिरी हुई है। इन उल-जलूल फैसलों के चलते ही विपक्ष के नेताओं को विधानसभा के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के पास विपक्ष के सवालों का जवाब ही नहीं था। पूर्व सरकार में आरटीओ और एमवीआई द्वारा 21 विभिन्न केंद्रों पर गाडिय़ों की पासिंग की सुविधा दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर एकमात्र ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर (लंज में) स्थापित कर दिया, जिसे भी एक निजी फर्म संचालित कर रही है। पासिंग का अत्यधिक शुल्क वसूला जा रहा है। चक्षु ने सवाल उठाया कि एक ऑटो रिक्शा सिर्फ 20 किलोमीटर दायरे में चलता है। अब पालमपुर का ऑटो चालक पासिंग के लिए इतने किलोमीटर दूर लंज कैसे पहुंचेगा। केंद्र से मिलने वाली मदद पर भी मुख्यमंत्री सुक्खू के झूठ का पर्दाफाश सदन में हुआ। यूपीए शासन में हिमाचल को 18,000 करोड़ की मदद मिली, जबकि मोदी शासन में हिमाचल को अब तक 97,000 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। क्या श्री सुक्खू के पास इस सवाल का जवाब है।
*जनता को क्या मुंह दिखाएंगे सुक्खू*
विश्व चक्षु ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कौन सा मुंह लेकर जनता के पास जाएंगे। महिलाओं को 1500 रुपए पर ठगा। बेरोजगारों को हर साल 1 लाख नौकरियां देने पर ठगा। 300 यूनिट बिजली पर जनता से फरेब किया। पशुपालकों से गोबर खरीदा नहीं। नोबत यह है कि खुद सरकार के विधायक ही मुख्यमंत्री सुक्खू को कोस रहे हैं।