इस बजट से नाखुश पैरा कर्मचारी बेज़्ज़त करने वाला बजट कुर्सी पर बैठे कर्मचारियों के लिए हज़ारों की वृद्धि एवं नदी नालो मे जान जोखिम मे डालकर काम करने वालो को 500. और ना पॉलिसी (अंकुश )प्रदेशअध्यक्ष दरसल, जल शक्ति विभाग के पैरा कर्मचारी अपनी मांगो क़ो लेकर वार बार शिमला जाकर आये अपनी मांगो क़ो आगे रखा परन्तु सरकार द्वारा उनकी किसी बात पर अमल नहीं किया गया एवं कर्मचारियों का शोषण होता गया अभी वर्तमान मे पैरा कर्मचारियों क़ो 5500 एवं 6600 रुपए के रूप मे वेतन दिया जा रहा है जिससे कर्मचारियों का तेल का खर्चा पूरा कर पाना ही बहुत मुश्किल है घर चलाना तो दूर कि बात है पैरा कर्मचारी बार बार सरकार के पास अपनी मांगो क़ो लेकर गए परन्तु हमेशा उनको नकारा गया 6 घंटे कागजो मे होने के उपरांत भी दिन रात 8,10 ड्यूटी करते कर्मचारियों क़ो बदले मे शोषण मिल रहा है........आपदा मे दिन रात जान माल कि परवाह किये बिना ड्यूटी करना बिना किसी छूटी के सेवा करना इसका फल उनका शोषण करके दिया जा रहा है इसपर पैरा कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष महेश शर्मा (अंकुश ) नें इस बार पीछे ना हटते हुए सड़कों पर आने का फैसला किया है...
देहरा : हिमाचल प्रदेश के देहरा में वन विभाग ने अवैध कटान और लकड़ी तस्करी करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। डीएफओ सन्नी वर्मा के नेतृत्व में विभाग ने आधी रात को विशेष अभियान छेड़ते हुए पूरे क्षेत्र को किले में तब्दील कर दिया। एक्शन मोड में डीएफओ: खुद संभाली कमान वन माफिया को संभलने का मौका न देते हुए डीएफओ सन्नी वर्मा ने स्वयं फील्ड में उतरकर मोर्चा संभाला। उनकी अगुवाई में क्षेत्र के छह अलग-अलग रणनीतिक स्थानों पर कड़े नाके लगाए गए। विभाग की इस अचानक हुई घेराबंदी से तस्करों में हड़कंप मच गया। बड़ी कामयाबी: 3 गाड़ियां ज़ब्त इस सघन तलाशी अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने तीन गाड़ियों को अवैध लकड़ी के साथ रंगे हाथों दबोचा है। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए लकड़ी की खेप और तीनों वाहनों को तुरंत अपने कब्ज़े में ले लिया। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। "अवैध कटान और तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान सुबह तक जारी रहेगा और भविष्य में भी ऐसी औचक कार्रवाइयां और ते...
*मरीज भुगत रहे लापरवाही की सजा—टांडा अस्पताल में हालात गंभीर: पूर्व स्वास्थ्य मंत्री* *सरकार की अनदेखी या सिस्टम की नाकामी? टांडा में दिल के मरीज असुरक्षित* *टांडा अस्पताल में कार्डियोलॉजी सेवाएं बदहाल, एक डॉक्टर के सहारे चल रहा पूरा विभाग — मरीजों की जिंदगी खतरे में: विपिन सिंह परमार* *धर्मशाला: 04 अप्रैल, 2026* हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले इस प्रमुख अस्पताल में कार्डियोलॉजी जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग का केवल एक डॉक्टर के भरोसे चलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। परमार ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की भारी कमी के कारण गंभीर हृदय रोगियों को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी जान पर बन रही है। उन्होंने कहा कि एक ही डॉक्टर पर अत्यधिक कार्यभार डालना न केवल चिकित्सकीय व्यवस्था के साथ अन्याय है, बल्कि मरीजों की सुरक्ष...